Posts for the ‘कोल्ड/ फ्लू/ फीवर’ Category
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शिशु की मालिश ठंड़ के दिनों में खासतौर पर

Wednesday, December 15th, 2010
शिशु की मालिश----ठंड़ के दिनों में खासतौर पर - यह  जरूरी है के साथ-साथ लाभदायक भी है इसमें कोई सन्देह नहीं है। मालिश से त्वचा में रक्त का प्रवाह बढ़ता है जो शिशु की त्वचा को स्वस्थ रखता है। दूसरे  मॉं तथा बच्चे के बीच एक मजबूत रिश्ता भी कायम होता है।तथा मातृत्व निभाने की क्षमता भी पूरी होती है। आजकल की नई जनरेशन को इन चीजों की जानकारी नहीं होती इस वजह से जरा-जरा सी बात केलिये डॉ. के पास जाना पड़ता है। कौन सा तेल इस्तेमाल करें ?बच्चे की खाल में तेल आदि सोखने की क्षमता होती ही नहीं है। अपनी जरूरत भर का तेल शरीर में खाल के अन्दर बालों की जड़ से लगी  ग्रंथियो में बनता है और यही तेल खाल को स्वस्थ, ... »

गरम मसाला कर सकता है स्वाइन फ्लू का उपचार

Tuesday, November 9th, 2010
स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू के वायरस को गर्म मौसम बढने नहीं देता जैसे जैसे मौसंम ठंडा होता है इसके वायरस बढते हैं. स्वाइन फ्लू क्या है-यह एक वायरल डिजीज है जो एच-1 एन-1 ए टाइप इनफ्लुएंजा वाइरस की वजह से होता है. हवा में सांस के जरिये इन्फेक्शन फैलता है .स्वाइन फ्लू छोटे बच्चों में भी हो सकता है यह बीमारी हर उम्र के लोगों पर अपना असर डालती है.इसमें फीवर के साथ जुकाम,आंखो से पानी बहना,बुखार आना तथा खाना पीना बंद होने लगता है मरीज सुस्त होने लगता है.छोटे ... »

डेंगू फीवर से कैसे बचें

Tuesday, November 9th, 2010
डेंगू फीवर डेंगू बुखार एक प्रकार के ''डेन वायरस'' की वजह से होता है । एक बार शरीर में वायरस के प्रवेश करने के बाद डेंगू बुखार के लक्षण सामान्यत: 5 से 6 दिन के पश्चात दिखाई देने लगते हैं । डेंगू बुखार का वायरस एड़ीज नामक मच्छर के काटने से रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है  वह मच्छर दिन के समय काटता है । मच्छर के शरीर में एक बार वायरस के पहुंचने के पश्चात यह पूरी जिन्दगी बीमारी फैलाने में समक्ष होता है मादा मच्छर साफ पानी में अण्डे देती है, अण्डे से एक कीड़ा निकलता है, जिसे लार्वा कहते हैं, लार्वा से प्यूपा बनता है  एवं फिर मच्छर बन जाता है । लार्वा व प्यूपा अवस्था तक पानी में रहते हैं और मच्छर पानी के बाहर रहता हैं ... »

डेंगू फीवर

Friday, July 30th, 2010
डेंगू बुखार एक प्रकार के ''डेन वायरस'' कि वजह से होता है । एक बार शरीर में वायरस के प्रवेश करने के बाद डेंगू बुखार के लक्षण सामान्यत: 5 से 6 दिन के पश्चात मालूम पड़ते हैं । डेंगू बुखार का वायरस एड़ीज नामक मच्छर के काटने से रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है  वह मच्छर दिन के समय काटता है । मच्छर के शरीर में एक बार वायरस के पहुंचने के पश्चात यह पूरी जिन्दगी बीमारी फैलाने में समक्ष होता है मादा मच्छर साफ पानी में अण्डे देती है, अण्डे से एक कीड़ा निकलता है, जिसे लार्वा कहते हैं, लार्वा से प्यूपा बनता है  एवं फिर मच्छर बन जाता है । लार्वा व प्यूपा अवस्था तक पानी ... »

वायरल फीवर

Tuesday, May 25th, 2010
हर मौसम में होने वाला वायरल फीवर,जो आसानी से अपनी चपेट में ले लेता है। क्यों ? बुखार आपके शरीर की रोग प्रतिरोध क्षमता (लड़ने की क्षमता) और संक्रमण की तीव्रता का आनुपातिक संघर्ष है, जो ज्वर के रूप में सामने आता है। सही जाँच से ही  रोग के सही निदान में  सहायता मिलती है और चिकित्सक सही दवा दे सकते हैं। ज्वर या बुखार से हम सभी भली-भाँति परिचित हैं और कभी न कभी इससे पीड़ित भी हुए हैं। बुखार शरीर में प्रवेश वाइरस से हुए संक्रमण का एक आम लक्षण है। साधारण संक्रमण कम से कम 2-3 दिनों में स्वतः या कुछ सामान्य औषधियों से ठीक कर देता है किसी रोगी को बार-बार बुखार आने पर चिकित्सक को बीमारी का सही इलाज करने के लिए कुछ ... »


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