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जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में

Tuesday, February 14th, 2012
नैचुरल डिलिवरी

नैचुरल डिलिवरीजानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में--प्रसव एक ऐसी स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से गर्भाशय में पूर्णत: पला शिशु स्वत: ही योनि मार्ग से बाहर आता है ।प्रसव से पूर्व वह गर्भाशय में ही फलता –फूलता रहता है जबकि प्रसवोपरांत पृथ्वी पर उसके जीवन की शुरूआत होती है।ऐसा देखागया है कि शिशु को गर्भाशय से बाहर निकालने का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व गर्भाशय के उपर ही निर्भर रहता है।प्रसव के समय गर्भाशय  की पेशियां एक विशेष गति

से संकुचित और फैलने की क्रिया शुरू कर देती है।इस क्रम में संकुचित पेशियां शिशु पर पीछे से एक दबाव डालने लगती है तथा उसे बाहर निकलने के लिए विवश कर देती है।

यह कुदरत की सबसे रहस्यमय और अदभुत प्रक्रिया ही कही जा सकती है कि ... »

डिसमेनोरिया क्या है? क्यों होता है

Tuesday, February 14th, 2012
कुछ महिलाएं डिसमेनोरिया से ग्रस्त होती हैं। इनमें से कुछ डिसमेनोरिया ग्रस्त किसी अन्य कारण या बीमारी की वजह से भी हो सकती है।मेंसेस, किशोरावस्था से शुरू होता है।और 50-52 तक की उम्र यानि रजोनिवृत्ति  तक रहता है अधिकांश महिलाओं में ंेंम्सेस से कुछ दिन पहले ही पेच तथा पेडू में दर्द शुरू हो जाता है जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है।कईयों में मेंन्सेस के दौरारन काफी दर्द रोता है ।कभी कभी यह उम्र बढ़ने के साथ कम भी हो जाता है और बहुतों को गर्भावस्था के बाद बिल्कुल ठीक हो जाता है । डिसमेनोरिया की शिकार ज्यादातर वे महिलाएं होती है ं जो कम एक्टिव होती है या फिर और भी कई कारण हो सकते हैं। ---डिसमेनोरियाडिसमेनोरिया मेंन्सस के दिनों में अधिक कष्टदायक स्थिति का ... »

फीट (एडियां)क्या कहती हैं

Wednesday, February 8th, 2012
फीट (एडियां)क्या कहते हैं कहते हैं पैरों के रखरखाव को देखकर उस व्यक्ति के शारीरिक सफाई(स्वास्थ) का अंदाजा लगाया जा सकता हैचाहे स्त्रि  हो या पुरूष .एक व्यक्ति में उसके पेरों के स्वास्थ की अहम भूमिका है. हाथों की तुलना में पैरों की त्वचा अधिक मोटी होती है,जिसकी रोजाना देखभाल न करने से  यह समय के साथ गंदी हो जाती है.लोगों की एडियां फटने की समस्या सामने आती है,इसलिये पैरों की  डेड सेल्स को एक्सफॉलिएट  करने की जरूरत होती है.नियमित मॉश्चराइजिंग त्वचाको सूखे से बचाने के लिये महत्वपूर्ण है. पैरों की देखभाल चेहरे की देखभाल जैसी अहम है.हर बार स्नान. करते समय पैरों की साफ सफाई की आदत डालें. मौसम के अनुसार साफ्ट काटन सॉक्स पहने.पैरों को अक्सर गुनगुने पानी में कुछ देर रखकर नरम तौलिये ... »

धूप करती है रोगों से बचाव

Tuesday, January 17th, 2012
धूप करती है रोगों से बचाव,धूप में रहने से न डरें---भले ही आपके पास अधिक समय न हो धूप में बैठने के लिये परंतु हर रोज किसी न किसी बहाने थोडी देर अवश्य धूप लें.इससे टाईप 2 डाइबिटीस से बच सकते हैं. रंग काला  न हो जाए इस वजह से हम धूप  में बैठने से डरते हैं, परंतु टोरंटो में हुई  स्टडी से पता चला है कि ब्रेस्ट केंसर होने का खतरा आधा कम हो सकता है.हफ्ते में 20 घंटे तो कमसे कम धूप अवश्य  लें कई तकलीफों से बचे रहेंगे. कैंसर से होताहै बचाव-एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ.अजय मेहरा  का  कहना है कि धूप बॉड़ी के लिये बेहद जरूरी है,कहते हैं कि दूध,फिश,एग्स से शरीर को 10% विटामिन डी मिलता है परंतु धूप से 90%  सूरज की रोशनी ... »

जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में

Sunday, February 27th, 2011
जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में-- प्रसव एक ऐसी स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से गर्भाशय में पूर्णत: पला शिशु स्वत: ही योनि मार्ग से बाहर आता है ।प्रसव से पूर्व वह गर्भाशय में ही फलता –फूलता रहता है जबकि प्रसवोपरांत पृथ्वी पर उसके जीवन की शुरूआत होती है।ऐसा देखागया है कि शिशु को गर्भाशय से बाहर निकालने का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व गर्भाशय के उपर ही निर्भर रहता है।प्रसव के समय गर्भाशय  की पेशियां एक विशेष गति से संकुचित और फैलने की क्रिया शुरू कर देती है।इस क्रम में संकुचित पेशियां शिशु पर पीछे से एक दबाव डालने लगती है तथा उसे बाहर निकलने के लिए विवश कर देती है। यह कुदरत की सबसे रहस्यमय और अदभुत प्रक्रिया ही कही जा सकती है कि एक तरफ जहाँ  गर्भस्थ शिशु पूरे ... »


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