Posts for the ‘वुमन एंड चाइल्ड केयर’ Category
20 articles posted under this category

धूप करती है रोगों से बचाव

Tuesday, January 17th, 2012
धूप करती है रोगों से बचाव,धूप में रहने से न डरें---भले ही आपके पास अधिक समय न हो धूप में बैठने के लिये परंतु हर रोज किसी न किसी बहाने थोडी देर अवश्य धूप लें.इससे टाईप 2 डाइबिटीस से बच सकते हैं. रंग काला  न हो जाए इस वजह से हम धूप  में बैठने से डरते हैं, परंतु टोरंटो में हुई  स्टडी से पता चला है कि ब्रेस्ट केंसर होने का खतरा आधा कम हो सकता है.हफ्ते में 20 घंटे तो कमसे कम धूप अवश्य  लें कई तकलीफों से बचे रहेंगे. कैंसर से होताहै बचाव-एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ.अजय मेहरा  का  कहना है कि धूप बॉड़ी के लिये बेहद जरूरी है,कहते हैं कि दूध,फिश,एग्स से शरीर को 10% विटामिन डी मिलता है परंतु धूप से 90%  सूरज की रोशनी ... »

जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में

Sunday, February 27th, 2011
जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में-- प्रसव एक ऐसी स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से गर्भाशय में पूर्णत: पला शिशु स्वत: ही योनि मार्ग से बाहर आता है ।प्रसव से पूर्व वह गर्भाशय में ही फलता –फूलता रहता है जबकि प्रसवोपरांत पृथ्वी पर उसके जीवन की शुरूआत होती है।ऐसा देखागया है कि शिशु को गर्भाशय से बाहर निकालने का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व गर्भाशय के उपर ही निर्भर रहता है।प्रसव के समय गर्भाशय  की पेशियां एक विशेष गति से संकुचित और फैलने की क्रिया शुरू कर देती है।इस क्रम में संकुचित पेशियां शिशु पर पीछे से एक दबाव डालने लगती है तथा उसे बाहर निकलने के लिए विवश कर देती है। यह कुदरत की सबसे रहस्यमय और अदभुत प्रक्रिया ही कही जा सकती है कि एक तरफ जहाँ  गर्भस्थ शिशु पूरे ... »

डिसमेनोरिया (मेंसेस की कष्टदायक स्थिति)

Monday, February 21st, 2011
कुछ महिलाएं डिसमेनोरिया से ग्रस्त होती हैं। इनमें से कुछ डिसमेनोरिया ग्रस्त किसी अन्य कारण या बीमारी की वजह से भी हो सकती है।मेंसेस, किशोरावस्था से शुरू होता है।और 50-52 तक की उम्र यानि रजोनिवृत्ति  तक रहता है अधिकांश महिलाओं में ंेंम्सेस से कुछ दिन पहले ही पेच तथा पेडू में दर्द शुरू हो जाता है जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है।कईयों में मेंन्सेस के दौरारन काफी दर्द रोता है ।कभी कभी यह उम्र बढ़ने के साथ कम भी हो जाता है और बहुतों को गर्भावस्था के बाद बिल्कुल ठीक हो जाता है । डिसमेनोरिया की शिकार ज्यादातर वे महिलाएं होती है ं जो कम एक्टिव होती है या फिर और भी कई कारण हो सकते हैं। डिसमेनोरिया क्या है?क्यों होता है---- मेंन्सस के दिनों में अधिक कष्टदायक ... »

शिशु की मालिश ठंड़ के दिनों में खासतौर पर

Wednesday, December 15th, 2010
शिशु की मालिश----ठंड़ के दिनों में खासतौर पर - यह  जरूरी है के साथ-साथ लाभदायक भी है इसमें कोई सन्देह नहीं है। मालिश से त्वचा में रक्त का प्रवाह बढ़ता है जो शिशु की त्वचा को स्वस्थ रखता है। दूसरे  मॉं तथा बच्चे के बीच एक मजबूत रिश्ता भी कायम होता है।तथा मातृत्व निभाने की क्षमता भी पूरी होती है। आजकल की नई जनरेशन को इन चीजों की जानकारी नहीं होती इस वजह से जरा-जरा सी बात केलिये डॉ. के पास जाना पड़ता है। कौन सा तेल इस्तेमाल करें ?बच्चे की खाल में तेल आदि सोखने की क्षमता होती ही नहीं है। अपनी जरूरत भर का तेल शरीर में खाल के अन्दर बालों की जड़ से लगी  ग्रंथियो में बनता है और यही तेल खाल को स्वस्थ, ... »

जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में

Friday, September 3rd, 2010
जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में--प्रसव एक ऐसी स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से गर्भाशय में पूर्णत: पला शिशु स्वत: ही योनि मार्ग से बाहर आता है ।प्रसव से पूर्व वह गर्भाशय में ही फलता –फूलता रहता है जबकि प्रसवोपरांत पृथ्वी पर उसके जीवन की शुरूआत होती है।ऐसा देखागया है कि शिशु को गर्भाशय से बाहर निकालने का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व गर्भाशय के उपर ही निर्भर रहता है।प्रसव के समय गर्भाशय  की पेशियां एक विशेष गति से संकुचित और फैलने की क्रिया शुरू कर देती है।इस क्रम में संकुचित पेशियां शिशु पर पीछे से एक दबाव डालने लगती है तथा उसे बाहर निकलने के लिए विवश कर देती है। यह कुदरत की सबसे रहस्यमय और अदभुत प्रक्रिया ही कही जा सकती है कि एक तरफ ... »


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