Posts for the ‘डेंटल केयर/माउथ डिसीस’ Category
7 articles posted under this category

हकलाना कोई रोग नहीं है, सिर्फ दोष है

Wednesday, September 8th, 2010
हकलाना कोई रोग नहीं है, सिर्फ दोष है सामान्य व धाराप्रवाह ढंग से बोलने में अयोग्यता को हकलाना कहते हैं। कभी-कभी सामान्य व्यक्ति भी तनाव,घबराहट,डिप्रेशन,आवेग में क्षणिक हकला जाता है इसका यह मतलब नहीं कि वह व्यक्ति हकलाता है। हकलाना मतलब- बोलने वाला बालक या व्यक्ति पहले शब्द के उच्चारण में कठिनाई महसूस करता है।उसकी जीभ मुंह में खिंच जाती है और मुंह की मांसपेशियों में स्वत: संकोच आ जाता है फलस्वरूप बोलने के लिये झटका सा लगाना पड़ता है।यह एक ऐसी मानसिक कुंठा है जिसे सिर्फ हकलाने वाला ही समझ सकता है या फिर चिकित्सक। हकलाहट के कारण व्यक्ति,या बालक के गुणों का स्वाभाविक विकास नहीं हो पाताहै।हालांकि कि वे मानसिक रूप से मंद नहीं होते लेकिन वाणी दोष उनकी प्रतिभा को उजागर नहीं होने ... »

सांस की बदबू से परेशान हैं?

Tuesday, June 22nd, 2010
क्या आप अपनी ही सांस की बदबू से परेशान हैं? हमारा मुंह तमाम जीवाणुओं का जाल है ये जीवाणु दांतों के कोनों में जीभ, मसूड़े आदि जगहों पर छिपे होते हैं जो भोजन के अंशों पर जीवित रहते हैं जिससे बहुत से जीवाणुओं के किया कलापों से ऐसी गैसें बनती हैं, जो बदबूदार होती है। इसकी वजह से हमारी सांस में बदबू हो जाती है। परंतु हर व्यक्ति के मुंह से बदबू क्यों नहीं आती इसका उत्तर सरल है हमारे मुंह जो लार बनती रहती है उसमें जीवाणु नाशी शक्ति होती है यह जीवाणु को पनपने से रोकती है और सांस बदबूदार होने से बचाती है। लेकिन जब किसी वजह से मुंह में लार कम बनती है या सूख जाती है तब ये जीवाणु बेकाबू हो ... »

दांत का सीधा संबंध आंत से

Friday, May 14th, 2010
दांत और आंत( पेट) का एक-दूसरे से सीधा संबंध होता है। दांतों से चबाया गया भोजन हमारे पेट में जाता है यदि दांत भोजन को ठीक तरह से चबाने लायक न हो तो वह भोजन को चबा कर इस लायक नहीं बना पाते कि वह पेट में जाकर आसानी से हजम कर सके, तो पेट खराब हो जायेगा( यानि भोजन को चबाने का काम यदि दांत नहीं करेंगे तो फिर ये काम आपकी आंतों को करना पड़ेगा नतीजा  आंतो को  एक्सट्रा एफर्ट्स करना पड़ेगा नतीजा सीधा –सीधा असर आपकी पाचनक्रिया पर पडेगा। पेट खराब तो होगा ही साथ पेट की कई बीमारियां भी पैदा होंगी। इस कारण वैद्य लोग रोगों का इलाज पेट ही से शुरू करते थे। इसके पीछे कारण यह है ... »

मसूडों की बीमारी से भी हो सकते हैं मधुमेह (diabetes )के शिकार

Wednesday, March 31st, 2010
मसूडों की बीमारी से भी हो सकते हैं मधुमेह (diabetes )के शिकार,एक शोध के बाद यह पता चला है कि मसूडों की बीमारी वाले लोग भी प्रौढावस्था में जाकर मधुमेह(diabetes) के शिकार हो सकते हैं।इस शोध के अनुसार मसूडों की बीमारी के कारण कीटाणु आसानी से रक्त में प्रवेश करके प्रतिरक्षित कोशिकाओं  को सक्रिय कर सकते है, ये सक्रिय कोशिकाएं साइटोकिन नामक पदार्थ पैदा करता है जो पूरे शरीर पर बुरा असर डालता है।साइटोकिन नामक पदार्थ के अधिक मात्रा में उत्पादन  होने से पेनक्रिया ग्रंथि की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करती है और ऐसा होने पर उन लोगों को भी मधुमेह (diabetes)हो सकता है जिन्हें इसका कभी कोई खतरा भी नहीं था। अब स्वास्थ विशेषज्ञ लगों को यह चेतावनी दे रहें हैं ... »

दांतो को स्वस्थ रखने के लिये अपने टूथ ब्रश की कैसे करें देखभाल

Friday, January 8th, 2010
अपने दांतो को स्वस्थ रखने के लिये अपने टूथ ब्रश की कैसे करें देखभाल
  1. अगर हम अपने ब्रश को ही गंदा रखेंगे तो दांतो को कैसे साफ रखेंगे इसलिये हमें अपने टूथ ब्रश की देखभाल करें।
  2. अपने-अपने टूथ ब्रश को अलग रखें।
  3. अपने ब्रश पर कैप(टककर) लगाकर रखें।
  4. एक टूथ ब्रश को दो माह से ज्यादा इस्तेमान न करें।
  5. घर के सभी लोग एक साथ एक ही जगह ब्रश न रखें।
  6. जब ब्रश से दांत साफ करने जाये तो उससे पहले व उसके बाद ब्रश को अच्छी तरह साफ करें।
  7. ब्रश हमेशा नरम व मीडियम साइज का खरीदें।
  8. प्रत्येक पंद्रह दिन पर अपने ब्रश को गुनगुने पानी में नमक डालकर उससे धोयें।
  9. जिस प्रकार हम अपने दांतों को चमकदार चाहते हैं तो उसी तरह अपने ब्रश को भी पहले साफ व चमकदार रखें।
  10. बच्चों के ... »


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