गुडहल एक आम सा फूल है जो कि देखने में सुंदर होता है। ऐसे कई गुडहल के फूल हैं जो कि अलग-अलग रंगों में पाये जाते हैं जैसे, लाल, सफेद , गुलाबी, पीला और बैगनी आदि। यह सुंदर सा गुडहल का फूल स्वास्थ्य के खजाने से भरा पड़ा है। इसका इस्तेमाल खाने-पीने या दवाओं लिए किया जाता है। इससे कॉलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जाता है। यह विटामिन सी, कैल्शियम, वसा, फाइबर, आयरन का बढिया स्रोत है। गुडहल के ताजे फूलों को पीसकर लगाने से बालों का रंग सुंदर हो जाता है। मुंह के छाले में गुडहल के पते चबाने से लाभ होता है। डायटिंग करने वाले या गुर्दे की समस्याओं से पीडित व्यक्ति अक्सर ... »
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चीनी कम
Saturday, April 27th, 2013
चीनी कम
मतलब चीनी करें अपनी डाईट में .जितनी ज्यादा चीनी उतना जल्दी बुढ़ापा—
सफेद चीनी जितना हो सके उतना कम इस्तेमाल करेंगे बुढ़ापा उतना ही दूर रहेगा आपसे कारण बुढाप यानि त्वचा का ढ़ीला पडना (झुर्रियों का आना) ये सब तो आप खुद ही रोक सकते हैं किसी हद तक.इससे आपके स्वाद में मीठापन तो अवश्य कम हो जायेगा परंतु आपकी जवानी में इजाफा अवश्य होगा.
कौन नहीं चाहता कि हम अधिक समय तक जवान बने रहें,तो इसके लिये आपको थोडी शक्कर कम करनी होगी.
एक अध्ययन से पता चला है कि शक्कर ज्यादा खाना यानि बुढापे को जल्दी बुलावा देना.दरअसल हम लोग अपनी जरूरत से ज्यादा शक्कर खाते हैं जिससे हमारे शरीर में ग्लूकोज़ बनने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाती है जिसकी वजह से शक्कर ... »
छोटी परंतु जरूरी बातें
Thursday, April 25th, 2013बड़े काम की बातें
Sunday, August 12th, 2012
बड़े काम की बात
- सभी तरह के रोगियों के लिये प्रयोग करें- मूंग की दाल, लौकी, तोरी, पपीता, गाजर, परवल, पालक, गाय का दूध, घी सर्वोत्तम है।
- दूध पीने वाले बच्चों के लिये, मां का दूध बकरी का दूध या गाय का दूध सर्वोत्तम है।
- मधुमेह हो तो सदाबहार के 5 पत्ते व फूल सुबह खाली पेट खायें मधुमेह नियंत्रित रहेगा या हारसिंगार के फूल।
- किसी बीमारी से Platelets कम हो जाने पर घृतकुमारी का गूदा खाने से Platelets बढ़ जाता है।
- प्रातः काल खाली पेट लौकी का जूस पीने से पेट साफ होता है कब्ज दूर होता है।
- पपीता नियमित रूप से सेवन करें तो ... »
सन स्ट्रोक
Tuesday, June 12th, 2012
लू लगना (सन स्ट्रोक)मानव का शरीर स्वंय अपना तापमान नियंत्रित करता है। जब आसपास का तापमान बढ़ता है तो हमारा शरीर भी गर्म होने लगता है तापमान जरूरत से ज्यादा न बढ़ जाये उसे नियंत्रित रखने के लिये पसीना निकलता है पसीने का वाष्पीकरण होने से शरीर में ठंडक महसूस होती है तथा शरीर का तापमान घट जाता है।
गर्मा में लू लगना एक आम बात होती है।जरा सी असावधानी हमारे लिये एक समस्या बन सकती है ।
लू क्यों लगती है.....
मानव शरीर को तापमान का उतार –चढाव सहन करने की पर्याप्त क्षमता होती है पर ऐसा एक निश्चित सीमा तक हो पता है ।परंतु बहुत अधिक गर्मी में शरीर खुद से वाता वरण के हिसाब सेअपने को ढाल लेने की व्यवस्था जब लड़खड़ा जाती है तो ... »




