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Posts for the ‘प्रेगनेन्सी केयर’ Category
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जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में
Sunday, February 27th, 2011
जानें नैचुरल डिलिवरी के बारे में--
प्रसव एक ऐसी स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसके
माध्यम से गर्भाशय में पूर्णत:
पला शिशु स्वत: ही योनि मार्ग से बाहर आता है ।प्रसव से पूर्व वह गर्भाशय में ही फलता –फूलता रहता है जबकि प्रसवोपरांत पृथ्वी पर उसके जीवन की शुरूआत होती है।ऐसा देखागया है कि शिशु को गर्भाशय से बाहर निकालने का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व गर्भाशय के उपर ही निर्भर रहता है।प्रसव के समय गर्भाशय की पेशियां एक विशेष गति से संकुचित और फैलने की क्रिया शुरू कर देती है।इस क्रम में संकुचित पेशियां शिशु पर पीछे से एक दबाव डालने लगती है तथा उसे बाहर निकलने के लिए विवश कर देती है।
यह कुदरत की सबसे रहस्यमय और अदभुत प्रक्रिया ही कही जा सकती है कि एक तरफ जहाँ गर्भस्थ शिशु पूरे ... »
शिशु को स्तनपान(फीडिंग) कराने का तरीका
Friday, June 11th, 2010
शिशु को स्तनपान(फीडिंग) कराने का तरीका -शिशु के जन्म के कुछ घंटे बाद से ही बच्चे को स्तनपान (फीडिंग) कराना शुरू करवाना चाहिये कारण डिलिवरी कनाम काहारमोन निकलता है जो मां का पहला दूध कहलाता है यह बहुत गाढा होता है शिशु केलिये बहुत लाभकारी होता है। इम्यून पावर बढाता है तथा तमाक लड़ने की क्षमता बढाता है।दिन में हर चार घंटे बाद तथा रात में छ: घंटे पर शिशु को दूध पिलाना चाहिये। लोग शिशु को हर थोडी दिर में दूध पिलाने लगते हैं ये सोचकर कि शायद उसका पेट नहीं भरा होगा।जल्दी जल्दी दूध पिलाने से बच्चे को भूख लगने का मौका आप नहीं देते बल्कि इससे उसका पेट खराब हो सकताहै। पाचन क्रिया ... »
बेबी प्लान से पहले खुद को करें प्लान
Monday, May 24th, 2010बेबी प्लान से पहले खुद को करें प्लान
घर आंगन की बगिया में फूल खिले यह शादी के बाद हर महिला एक सपना होताहै।इससपने को आप अकेले ही मत देखिये कारण फूल खिलने के बाद दोनों
को(पति-पत्नि)उस बगिया का माली बन कर उस फूल की देख भाल करने की
जिम्मेदारी उढानी पड़ती है।
सिजेरियन डिलेवरी से बचें, ऐसे
Wednesday, May 19th, 2010
हर महिला यही चाहती है, कि उसके बच्चे की डिलिवरी नार्मल हो, परंतु कई बार ऑपरेशन कराना या न कराना आपके निर्णय पर नहीं बल्कि मां तथा बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए कराना जरूरी हो जाता है।
स्थितियां, जब ऑपरेशन(सिजेरियन) कराना पड़ सकता है—
- अधिक रक्तचाप की वजह से,हाथ,पैर या पूरे शरीर पर सूजन का होना
- गर्भाशय में अधिक ब्लीडिंग होना
- गर्भनाल, बच्चे के गले में लिपट जाने से बच्चे की जान को खतरा
- यदि महिलाओं में मधुमेह (शूगर) हो तो ऑपरेशन की संभावना बढ़ जाती है
- गर्भाशय में बच्चे की स्थिति आपत्ति जनक होना(उल्टा,आडा,तिरछा)
- यदि पहली डिलिवरी ... »




