Posts for the ‘डायबिटीस’ Category
7 articles posted under this category

ऑस्टियोआर्थराइटिस

Tuesday, November 27th, 2012
हड्डियां बराबर बदल रही है क्या इसका एहसास है आपको?मौसम के बदलने पर परेशानियां बढ़ जाती है आपकी
( डॉ.एस.के.एस.मार्या,मैक्स हॉस्पिटल नई दिल्ली)
स्त्रियां जितना बाहरी सौंदर्य पर ध्यान देती हैं उतना भीतरी मजबूती पर नहीं। महिलाओं में सबसे तेजी से फैलने वाली समस्या.कामकाजी महिलाएं घर तथा करियर में संतुलन बनाने मे इतनी व्यस्त रहती हैं कि अपनी सेहत पर ध्यान ही नहीं दे पाती हैं और नतीजा ऑस्टियोअर्थराइटिस का साइलेंट शिकार बन जाती हैं पता तब चलता है जब भयंकर स्थिति सामने आती है.

डायबिटीस वाले रहें डेंगू तथा चिकनगुनिया से सावधान

Thursday, September 15th, 2011
डायबिटीस वाले रहें डेंगू तथा चिकनगुनिया से सावधान यदि आपको डायबिटीस है तो आपको डेंगू तथा चिकनगुनिया से सावधान होकर रहना होगा,और इतना ही नहीं जल्द से जल्द ठीक होने के लिये खुद से घर बैठे पेन किलर या कोई भी एंटीबायटिक लेने की कोशिश न करें.कारण इससे आपके लिवर,किडनी जैसे अहम अंगों पर इसका बुरा प्रभाव  पड़ सकता है डायबिटीस के मरीजों का क्रेटिनिन लेवल सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है जो कि किडनी को सीधे प्रभावित करता है. डेंगू तथा चिकनगुनिया दोनों ही वायरल बिमारियां है जिसमें किसी खास दवा की जरूरत नहीं होती है बल्कि सिंपल पैरासिटामॉल ही काफी है.परंतु लोग जल्द से जल्द ठीक होने के चक्कर में हैवी डोज़ लेते हैं जिसकी वजह से और कई परेशानियां बढ़ जाती हैं. डेंगू ... »

जामुन क्यों खायें

Wednesday, July 20th, 2011
जामुन के मौसम में जामुन क्यों खायें प्रकृति ने जामुन को कई खूबियां प्रदान की हैं। जामुन में विटामिन बी और सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। बी समूह के विटामिंस नर्वस सिस्टम के लिए फायदेमंद माने जाते है। वहीं विटामिन सी शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। यह फल पेट के रोगों के लिए लाभप्रद माना गया है। सेंधा नमक के साथ इसका सेवन भूख बढ़ाता है और पाचन क्रिया को तेज करता हैबरसात के दिनों में हमारी पाचन संस्था कमजोर पड़ जाती है कारण हमारा मानना है कि बरसात यानि बस तली चीजें खाना कचौडी,पकोडे,समोसे इत्यादि जिसके कारण शूगर वालों का शूगर और बढ़ जाता है तथा पाचन क्रिया सुस्त हो जाती है।यहां पर आयुर्वेद के अनुसार जामुन की गुठली का चूर्ण ... »

मधुमेह (डायबिटीस)क्या है

Tuesday, June 8th, 2010
रक्त में शर्करा का चयापचय ठीक ढंग से न होने के कारण रक्त में ग्लूकोस का स्तर बढ़ जाता है।बढी हुई शर्करा की यह मात्रा गुर्दो द्वारा भी ठीक तरह से अवशोषित नहीं हो पाती है ,जिससे मूत्र द्वारा शर्करा निकलने लगती है।रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक हो जाने की इस स्थिति को मधुमेह कहते हैंमधुमेह एक जटिल रोग है। एक बार ये रोग हो जाने पर जीवन पर्यंत नहीं छोड़ता ।इसको नियंत्रित तो किया जा सकता है समय रहते। पर खत्म नहीं।इसका असर शरीर के सभी अंगो पर पडता है। यह बिमारी आज तेजी से फैल रही है और अब तो ये बच्चों में भी तेजी से फैलने लगी हैजिसके कारण जीवन भर परहेज करना मुश्किल हो जाता है। मधुमेह रोग बहुत धीरे-धीरे ... »

मसूडों की बीमारी से भी हो सकते हैं मधुमेह (diabetes )के शिकार

Wednesday, March 31st, 2010
मसूडों की बीमारी से भी हो सकते हैं मधुमेह (diabetes )के शिकार,एक शोध के बाद यह पता चला है कि मसूडों की बीमारी वाले लोग भी प्रौढावस्था में जाकर मधुमेह(diabetes) के शिकार हो सकते हैं।इस शोध के अनुसार मसूडों की बीमारी के कारण कीटाणु आसानी से रक्त में प्रवेश करके प्रतिरक्षित कोशिकाओं  को सक्रिय कर सकते है, ये सक्रिय कोशिकाएं साइटोकिन नामक पदार्थ पैदा करता है जो पूरे शरीर पर बुरा असर डालता है।साइटोकिन नामक पदार्थ के अधिक मात्रा में उत्पादन  होने से पेनक्रिया ग्रंथि की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करती है और ऐसा होने पर उन लोगों को भी मधुमेह (diabetes)हो सकता है जिन्हें इसका कभी कोई खतरा भी नहीं था। अब स्वास्थ विशेषज्ञ लगों को यह चेतावनी दे रहें हैं ... »


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