दांतों तथा उनकी देखभाल

Monday, December 21st, 2009

बड़े हों या छोटे बच्चे कुछ लोगों के दांत बचपन से ही खराब होते हैं यानी पीलापन या कमजोर। इसका कारण यह है कि गर्भावस्था में माताऐं संतुलित आहार पर ध्यान नहीं देती हैं। जैस उनको प्रतिदिन दूध, कैल्शियम का सेवन करना चाहिये। इससे सबके दांत अच्छे रहेंगे। दांतों की सुरक्षा के लिये जरूरी है कि आप कुछ भी खायें, तो दांत जरूर साफ कर लें। बच्चों के दांत खराब होने का प्रमुख कारण चीनी, बिस्कुट, टॉफी, आइस्क्रीम अधिक मात्रा में लेने से ऊपर के दूधपीने से दूध में चीनी डालकर पीने से बच्चों के दांत जल्दी खराब होते हैं। तीन वर्ष तक के बच्चों को अधिक मीठा न खिलायें।

मुंह  अनेक प्रकार के जीवाणुओं का जंगल  है। ये जीवाणु दांतों के पोरों में और जीभ, मसूढ़े आदि में अटके हुए भोजन के कणों पर जीवित रहते हैं। इन जीवाणुओं के क्रियाकलापों से ऐसी गैस प्रकट होती हैं, जो दुर्गंधयुक्त होती हैं। इन्हीं गैसों के कारण हमारी सांस बदबूदार हो जाती है।  हर व्यक्ति के मुंह से दुर्गंध क्यों नहीं आती, कभी-कभार ही इस  का शिकार क्यों बनते हैं, हर समय क्यों नहीं? इसका सरल उत्तर है। मुंह में जो लार निरंतर बनती रहती है, उसमें जीवाणुनाशी शक्ति होती है लेकिन जब किसी कारण से मुंह में कम लार बनती है या लार सूख जाती है, तब ये जीवाणु बेकाबू हो जाते हैं,  सांस दुर्गंधयुक्त हो जाती है।जब हम सोते हैं, तो लार का प्रवाह धीमा पड़ जाता है और जीवाणु इसका लाभ उठाकर पनपने लगते हैं। सुबह उठने पर मुंह से बदबू आने का यही कारण है। भूख-प्यास, सिगरेट-शराब पीना, अत्यधिक बात करना, बंद नाक के दौरान मुंह से सांस लेना — इन सबके कारण मुंह सूख जाता है और सांस दूषित हो जाती है। तनाव भी मुंह सूखने का एक कारण है।

उम्र के साथ लार पैदा करने वाली ग्रंथियां भी प्रभावित होती हैं। यही वजह है कि युवाओं की तुलना में बुजुर्ग कहीं अधिक दुर्गंधयुक्त सांस की समस्या से पीड़ित होते हैं। शिशुओं में लार की प्रचुरता रहती है, इसलिए उनकी सांस में एक  भीनी  गंध  रहती है।

मुंह सूखने से उठी सांस की दुर्गंध आसानी से दूर की जा सकती है। मुंह की लार-ग्रंथियां पुनः सक्रिय हो उठें इसके लिए आप मिसरी चूसें या पान खाएं या एक गिलास पानी ही पी लें, तुरंत आपके मुंह की दुर्गंध चली जाएगी। खाना खाने से भी मुंह की दुर्गंध दूर हो जाती है, क्योंकि खाते समय मुंह में बहुत अधिक लार बनती है, जो मुंह के अधिकांश जीवाणुओं को नष्ट कर देती है या उन्हें भोजन के साथ पेट के अंदर डाल देती है।

दांतों कोठीक से साफ रखने पर भी सांस की दुर्गंध से निजात मिल जाती है क्योंकि यह अनेक दुर्गंधजनक जीवाणुओं को साफ कर डालता है, विशेषकर तब जब जीभ, तालू और गालों के भीतरी भाग और मसूढ़ों को भी साफ किया जाए क्योंकि इन जगहों में भी बहुत से जीवाणु छिपे रहते हैं।

आहार संबंधी दूषित सांस का कोई पक्का उपचार नहीं है। बस खाने के साथ खूब पानी पीने से कुछ मदद मिल सकती है। कुछ लोगों में पाचन की गड़बड़ी के कारण भी सांस की दुर्गंध हो सकती है।


दांतों की देखभाल

  1. सूखा तेज पत्ता बारीक पीस लें हर तीसरे दिन पर एक बार इस पाउडर से मंजन करें दांत चमकने लगेंगे।
  2. पिसी हल्दी, भुनी फिटकरी मिलाकर दांतों पर मंजन करें (दांतों में ठंडा लगता हो, रक्त आता हो)। सब ठीक हो जाता है।
  3. नींबू के पानी से बीच-बीच में कुल्ला करें।
  4. नीम की टहनी छाया में सुखाकर जला लें पीसकर पावडर बना ले। इसके लौंग, पीपर मिंट, नमक मिला लें (पायरिया ठीक होगा, दांत मजबूत होगा)।
  5. बादाम का छिलका जला कर ढक दें। दूसरे दिन पीसें, इसमें 1 चुटकी पिसी फिटकरी मिलाकर महीन पीसें फिर दांत साफ करें। ( दांत के सभी रोग ठीक होंगे)
  6. आम के ताजा पत्ते खूब चबाऐं फिर थूक दें लगातार ऐसा करने से दांत मजबूत होगा। खून आना बंद होगा।
  7. हल्दी, सरसों का तेल नमक मिलाकर मंजन करें। दांत मजबूत होंगे पीलापन जायेगा।
  8. टमाटर खाने से दांत मजबूत होते हैं। बच्चों को भी टमाटर खाने के लिए दें।
  9. बारीक पिसा हुआ सेंधा नमक दांतों पर मलें चमक जायेंगे।
  10. माजूफल पीसकर मंजन करें। दांत में पानी नहीं लगेगा दांत मजबूत होंगे।
  11. दांत खट्टे हो जायें, तो बादाम खायें या नमक का पानी से कुल्ला करें।
  12. दांतों में दर्द हो या हिल रहे हों मसूड़े से कमजोर हो रहे हों, तो पखाना पर बैठते वक्त जबड़े को एक दूसरे के साथ भींच कर रखें कुछ दिनों में फायदा होगा।
  13. दांत या मसूड़े में दर्द हो तो वहां पर प्याज या प्याज को चबाकर उसकी लुगदी वहां पर रख दें।
  14. दांतों में दर्द हो तो गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला करें।
  15. दांतों में दर्द हो, तो नमक पिसी अजवाइन उबलते पानी में डालकर ढक दें फिर थोड़ी देर बाद उससे कुल्ला करें और थूक दें। इस प्रकार दिन में तीन बार करें। अजवाइन से दांतों के हर प्रकार के रोग ठीक होते हैं।
  16. तुलसी व काली मिर्च पीसकर गोलियां बना लें इस दुखते दांत पर दबाकर रखे दर्द ठीक होगा।
  17. पिसे पुदीने से मंजन करें।
  18. दांत में कीड़ा लगा हो तो आंवले के रस में जरा सा।


दांतो की बीमारियां तथा उनसे बचनेके उपाय

  • पायरिया
    • सेंधा नमक कपड़े से छान लें फिर सरसों का तेल मिलाकर मंजन करें।
    • पायरिया में नारंगी लाभदायक है। इसके छिलके धूप में सुखाकर पीस लें। उससे मंजन करें।
    • आम की गुठली को सुखा कर महीन पीस लें। इससे नित्य मंजन करें। इससे पायरिया व दांतों के सभी रोग ठीक होते हैं।
    • पत्ता गोभी कच्ची सलाद के रूप में खायें। पायरिया में फायदा होगा।
    • पायरिया हो, तो देशी घी में कपूर मिलाकर दिन में चार बार लगायें व लार गिरायें। फिर कुल्ला करें।
    • पालक का सेवन पायरिया होने से बचाता है।
    • पान में चने की दाल के बराबर कपूर रखकर चबाऐं फिर थूक दें। ध्यान रहे पेट में न जाये।
  • मुंह की दुर्गंध दूर करने के उपाय-
    • हल्का भुना जीरा चबायें। बदबू दूर होगी।
    • हरा धनिया चबायें।
    • जब भी पानी के नजदीक जायें। बार-बार कुल्ला करें।
    • इलायची या मुलैठी चबाते रहें।
    • 1 चम्मच अदरक का रस गर्म पानी में डालकर कुल्ला करें

छोटे बच्चों के दांत निकलना
छोटे बच्चों के दांत निकलते समय कई परेशानियों क्यों होती है जैसे दस्त। इसके पीछे कारण यह है कि जब बच्चा घुटने चलने लगता है, तो उसके आसपास जो भी चीजें होती है। वह सब मुंह में डालता रहता है। उसके अपने हाथ भी गंदे होते हैं। प्लास्टिक के खिलौने में मुंह डालता है।और उसे इन्फेकशन हो जाता है इन सबके कारण आपका बच्चा दस्त की चपेट में आ जाता है। इसलिये बच्चों के आसपास की सफाई का विशेष ध्यान दें। उसके सारे खिलौने बराबर साफ करते रहें उन्हें बाल (फर) वाले खिलौने बिल्कुल न दें।

उपाय

  • यदि गर्मी का दिन है, तो बच्चे को दिन में दो-तीन बार थोड़ा-थोड़ा मट्ठा पिलायें।
  • तुलसी के पत्तों का रस शहद मिलाकर मसूड़ों पर लगायें व जरा-जरा सा चटा भी सकते हैं। इससे इन्फेक्शन की संभावना कम होती है।
  • दांत निकलते समय दस्त हो रहे हों, तो पतला दूध दे बच्चों को।
  • एक चुटकी पिपली चूर्ण बड़ा चाय का चम्मच शहद मिलाकर मसूड़ों पर मलें पीड़ा कम होगी दांत आसानी से निकलेंगे।
  • बच्चा दस्त होने से कमजोर हो जाता है आप उसे घर में अंगूर का रस 2-2 चम्मच पिलाते रहें, स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा, दांत भी शीघ्र निकलेंगे।
  • दांत निकलते समय यदि बच्चा अधिक रोये, तो मोटी सौंफ 1 कप पानी में उबाल कर छान लें। इसे एक-एक चम्मच पानी पिलाते रहें दिन में कई बार इसे दूध पानी(सौंफ का) मिलाकर भी दे सकते हैं।

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One Response to “दांतों तथा उनकी देखभाल”
  1. malti says:

    One word comes to my mind about this article is “Excellent”. Keep it up.

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