हिन्दी में – दालचीनी।
दालचीनी दो प्रकार की होती है।
मोटी तथा पतली दालचीनी
यह लघु, उष्ण, तीखी, मधुर, कटी, रुक्ष और पित्तकारक होती है। यह बलगम, गैस, खुजली, अपक्व रस और अरुचिनाशक एवं दिल के रोग, मूत्राशय के रोग, बवासीर, पेट के कीड़े मिटाने वाली तथा वीर्य बढ़ाने वाली होती है।
दालचीनी के पेड मालाबार आदि प्रदेशों में होते है। पत्तों को सुंघाने से लौंग जैसी खुशबू आती है। इसका फूल गुलाब के फूल के समान महकता है। इसके फल करौंदे के जैसे होते है। इनमे से तेल निकलता है। इसके फूलों का इत्र (परफ्यूम) भी बनाया जाता है।
दालचीनी की तासीर गर्मे होती है। दालचीनी का अधिक मात्रा में सेवन हानिकारक होता है।
उत्तम दालचीनी की गुणवत्ता की पहचान
जो दालचीनी, पतली, मुलायम चमकदार, सुगंधित और चबाने पर तमतमाहट एवं मिठास उत्पन्न करने वाली हो, वह श्रेष्ठ होती है।
दालचीनी के गुण-तथा उपयोग
दालचीनी मन को प्रसन्न करती है। सभी प्रकार के दोषों को दूर करती है। यह पेशाब और मासिक धर्म को जारी करती है। यह धातु को पुष्ट करती है। यह पागलपन को दूर करने में मदद है। इसका तेल सर्दी की बीमारियों और सूजनों तथा दर्दों को शांत करता है। सिर दर्द के लिये यह बहुत ही गुणकारी औषधि होती है।
उपयोग-
दालचीनी मसालों के रूप में काम मे ली जाती है। दालचीनी का तेल बनता है। दालचीनी, साबुन, दांतों के मंजन, पेस्ट, चाकलेट, सुगंध व उत्तेजक के रूप में काम में आती है। दालचीनी, संकोचक, स्तम्भक, कीटाणुनाशक, वातहर, फफूंदनाशक, जी मिचलाना और उल्टी रोकने वाली, पेट की गैस दूर करने वाली है। चाय, काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती है तथा जुकाम भी ठीक हो जाता है।
दालचीनी खुद से गर्म प्रकृति की होती है (पालक ठंडा होता है) पालक में दालचीनी डालने से इसकी ठंडी प्रकृति बदल जाती है।
दालचीनी के तेल की पहचान तथा उपयोग-
दालचीनी से बना तेल उत्तम गुण वाला होता है। यह मेडिकल स्टोरों पर उपलब्ध होता है। इस तेल में दालचीनी जैसी गंध व स्वाद होती है। दालचीनी का नया तेल हल्का पीला तथा पुराना होने पर लाल से भूरे रंग का हो जाता है। दालचीनी का तेल भारी और गरिष्ठ होता है जो पानी में डालने पर डूब जाता है। उड़नशील होता है। दालचीनी का तेल दर्द, घावों और सूजन को नष्ट करता है।
दालचीनी को तिल के तेल, पानी, शहद में मिलाकर उपयोग करना चाहिए। दर्द वाले स्थान पर मालिश करने के बाद इसे रातभर रहने देते है। मालिश अगरदिन में करें तो 2-3 घंटे के बाद धोएं
दालचीनी श्वसन संस्थान पर कफनाशक, जुकामनाशक, क्षयहर, उत्तेजक, दर्दनाशक, स्नायु, संस्थान में उत्तेजक, पाचन संस्थान पर भूख बढ़ाने वाली, पाचक, अरुचि, उल्टी रोकने वाली, पेट के कीड़ों को नष्ट करने वाली, मल को गाढ़ा करने वाली, दस्त बंद करने वाली, बदबू नाशक तथा गैस निकालने वाली होती है। यह मूत्रस्रावक, हृदयशक्तिवर्द्धक, यकृत, उतेजक तथा शरीर में स्फ़ूर्ति लेने वाली होती है। दालचीनी जननेंद्रियों में उत्तेजना देने वाली, वीर्य तथा शुक्रवर्द्धक होती है। यह त्वचा को निखारती है तथा खुजली के रोग को दूर करती है
रसोई में गरम मसाले के रूप में प्रयोग की जाने वाली दालचीनी सेहत के लिए लाभकारी है। यह एंटीसेप्टिक, एंटीफंगल और एंटी वायरल होती है। यह पाचक रसों के स्त्राव को भी उत्तेजित करती है। दांतों की समस्याओं को दूर करने में भी यह उपयोगी है।
दालचीनी के घरेलू उपयोग -
- रात को सोते समय नियमित रूप से एक चुटकी दालचीनी पाउडर शहद के साथ मिलाकर लेने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है और स्मरण शक्ति बढ़ती है।
- इनफ्लूएंजा, मलेरिया, गले के बैठने जैसे रोगों में दालचीनी गुणकारी है। इन रोगों से छुटकारा पाने के लिए दालचीनी का बारीक पाउडर एक गिलास पानी में उबालें और चुटकीभर कालीमिर्च व शहद के साथ लें।
- दालचीनी का नियमित प्रयोग मौसमी बीमारियों को दूर रखता है।
- ठंडी हवा से होने वाले सिरदर्द से राहत पाने के लिए दालचीनी के पाउडर को पानी में मिलाकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाएं।
- दालचीनी पाउडर में नीबू का रस मिलाकर लगाने से मुंहासे व ब्लैकहैड्स दूर होते हैं।
- दालचीनी, डायरिया व जी मिचलाने में भी औषधी के रूप में काम में लाई जाती है।
- मुंह से बदबू आने पर दालचीनी का छोटा टुकड़ा चूसें। यह एक अच्छी माउथ फ्रेशनर भी है।
- दालचीनी में एंटीएजिंग तžव उपस्थित होते हैं। एक नीबू के रस में दो बड़े चम्मच जैतून का तेल, एक कप चीनी, आधा कप दूध, दो चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पांच मिनट के लिए शरीर पर लगाएं। इसके बाद नहा लें, त्वचा खिल उठेगी।
- दालचीनी पाउडर की तीन ग्राम मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ लेने पर दस्त बंद हो जाते हैं
दालचीनी के गुण शहद के साथ -
दालचीनी और शहद का प्रयोग हमारे यहाँ सदियों से होता रहा है। दालचीनी गरम मसाले का एक घटक है और शहद एक रामबाण रसायन।
शहद को कौन नहीं जानता! कई तरह की शर्कराएँ जैसे ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज का भंडार है शहद। इसके साथ ही इसमें तरह-तरह के अमीनो अम्ल और लिपिड भी मिलते हैं। शहद शीतल, स्वादिष्ट तथा कृमिनाशक है। श्वास रोग, हिचकी और अतिसार में यह उपयोगी है। क्षयरोग को नष्ट करता है ।
दालचीनी और शहद के मिश्रण को सोने पर सुहागा कहा जाता है। ऐसा कौन-सा रोग है, जिसका इलाज इस योग द्वारा नहीं किया जा सकता है! गठिया, दमा, पथरी, दाँत का दर्द, सर्दी-खाँसी, पेट रोग, थकान, यहाँ तक कि गंजेपन का भी इलाज इस मिश्रण के द्वारा किया जा सकता है। आयुर्वेद में तो शहद एक शक्तिवर्धक औषधि के रूप में लंबे समय से प्रयुक्त की जा रही है। स्कीन के साथ बॉडी को भी चमकदार और हेल्दी बनाने के लिए इन दोनों का उपयोग करना चाहिए।
दालचीनी और शहद का योग पेट रोगों में भी लाभकारी है। पेट यदि गड़बड़ है तो इसके लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता है और पेट के छाले भी खत्म हो जाते हैं। खाना खाने से पहले दो चम्मच शहद पर थोड़ा-सा दालचीनी पावडर बुरककर चाटने से एसिडिटी में राहत मिलती है और खाना अच्छे से पचता है
आर्थराइटिस का दर्द हो या बालों के टूटने, झड़ने की समस्या हो तो दालचीनी और शहद के मिश्रण का इस्तेमाल सदियों से इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। यानी आप ऐलोपैथिक दवाओं के साथ भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या हैं इस मिश्रण के फायदे-
1- आर्थराइटिस का दर्द
आर्थराइटिस का दर्द दूर भगाने में शहद और दालचीनी का मिश्रण बड़ा कारगर है। एक चम्मच दालचीनी पाउडर लें। इसे दो तिहाई पानी और एक तिहाई शहद में मिला लें। इस लेप को दर्द वाली जगह परर लगाएं। 15 मिनट में आपका दर्द फुर्र हो जाएगा।
2- बालों का झड़ना
गंजेपन या बालों के गिरने की समस्या बेहद आम है। इससे छुटकारा पाने के लिए गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगा लें। 15 मिनट बाद बाल गरम पानी से धुल लें।
3- दांत दर्द
एक चम्मच दालचीनी पाउडर और पांच चम्मच शहद मिलाकर बनाए गए पेस्ट को दांत के दर्द वाली जगह पर लगाने से फौरन राहत मिलती है।
4- घटाता है कोलेस्ट्राल
करीब आधा लीटर चाय में तीन चम्मच शहद और तीन चम्मच दालचीनी मिलाकर पीएं। दो घंटे के भीतर रक्त में कोलेस्ट्राल का स्तर 10 फीसदी तक घट जाता है।
5- सर्दी जुकाम का करे काम-
सर्दी जुकाम हो तो एक चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में तीन बार खाएं। पुराने कफ और सर्दी में भी राहत मिलेगी।
6- वीर्य की गुणवत्ता बढाए-
सदियों से यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शहद का इस्तेमाल होता रहा है। वैद्य पुरुषों को सोने से पहले दो चम्मच शहद खाने की सलाह देते हैं। ऐसी महिलाएं जो गर्भधारण नहीं कर पाती हैं उन्हें एक चम्मच शहद में चुटकी भर दालचीनी पाउडर मिलाकर मसूढ़ों पर लगाने के लिए कहा जाता है।
7- पेट का दर्द-
शहद के साथ दालचीनी पाउडर लेने पर पेट के दर्द से राहत मिलती है। ऐसे लोग जिन्हें गैस की समस्या है उन्हें शहद और दालचीनी पाउडर बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करना चाहिए।
8-रोग प्रतिरोधक शक्ति बढाना-
रोजाना शहद और दालचीनी पाउडर का सेवन करने से प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है और आप वाइरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से भी बचे रहते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि शहद में कई तरह के विटामिंस और प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो आपकी सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।
9- आयु बढाना
पुराने समय में लोग लंबी आयु के लिए चाय में शहद और चालचीनी पाउडर मिलाकर पीते थे। इस तरह की चाय बनाने के लिए तीन कप पानी में चार चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाया जाता था। इसे रोजाना तीन बार आधा कप पीने की सलाह दी जाती थी। इस तरह से बनी चाय त्वचा को साफ्ट और फ्रेश रखने में मदद करती है।
10- घटाए वजन
खाली पेट रोजाना सुबह एक कप गरम पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से फैट कम होता है। यदि इसका सेवन रोजाना किया जाए तो मोटे से मोटे व्यक्ति का वजन भी घटना शुरू हो जाता है।
नोट : बिना डाक्टरी सलाह के खुद का उपचार न करें।यह आखरी उपचार समझकर घर पर ही न बैठे रहें।







