बात शारीरिक सफाई की हो तो किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहिये। हमारे शरीर के विषैले तत्वों को निकालना ये एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जैस पसीना, इसके जरियें शरीर के Toxic बाहर निकलते है। कई बार ये दुर्गंध का कारण बन जाते हैं। किसी-किसी के पसीने से अधिक दुर्गंध क्यों आती है। हमारे शरीर के पसीने से संबंधित ग्रंथियां होती है। इन्हें दो भागों में बांटा गया है।
एप्रोक्राइन व एक्राइन
एप्रोक्राइन ग्रंथियां – बगल, पेट व आसपास के हिस्सों में होती है जो अधिक सक्रिय होती है। एक्राइन- ऐसे जीवाणुओं का उत्पन्न करती है जो पसीने पर ही जीते हैं ये जीवाणु एक केमिकल को क्रियाशील करते हैं जिनकी दुर्गंध तेज होती है। ये दुर्गंध इंसान के अंदर के कोनफिडेंन्स को कम करती है। इंसान किसी के पास खड़े होने से झिझकता है।
आईये देखें तन की दुर्गंध को दूर करने के कुछ उपाय-
- नियमित स्नान करें।
- अक्सर लोग उन्ही कपड़ों को बदल-बदल कर बिना धोयें पहनते हैं।
- अधिक तंग कपड़े न पहने।
- सूती कपड़ा अधिक पहने जो पसीने को सोख ले।
- नहाते समय खुशबू दार तेल या कोई खुशबू दार चीज इस्तेमाल करें।
- बाहर जाते समय खुशबू दार टीशू पेपर पसीने पोछने के लिये इस्तेमाल करें।
- हल्के गंध का परफ्यूम या डियो इस्तेमाल करें।
- अधिक मसाले, मछली, प्याज लहसुन न खायें जब आप कहीं जा रहे हों तो।
- नहाने के पानी में एक चम्मच नमक डालकर नहायें पसीने की दुर्गंध जायेगी तथा स्फूर्ति आती है।
गुलाब -गुलाब के फूलों की पत्तियां त्वचा को पोषण देती हैं, त्वचा के रोम-रोम को सुगंधित बनाती हैं, ठंडक प्रदान करती हैं। गुलाब के २ फूलों को पीसकर, आधा प्याले कच्चे दूध में ३० मिनट तक भिगोएं, फिर इस लेप को आहिस्ता-आहिस्ता त्वचा पर मलें, सूखने पर ठंडे-ठंडे पानी से स्नान कर लें।
शरीरसुगंधित हो जायगा तन की दूर्गंध जाती रहेगी
केवड़ा : इसके इत्र की तासीर ग्रीष्म में तन को शीतलता प्रदान करती है। केवड़े के पानी से स्नान करने से शरीर की जलन व पसीने की दुर्गंध से भी छुटकारा मिलता है। गर्मियों में नित्य केवड़ायुक्त पानी से स्नान करने सेस्नान कर सकते है केवड़ा एसंस बाजार में आसानी से मिलता है।
गेंदा : इसके पीले केसरिया फूल त्वचा को निखारने में विशेष उपयोगी है। स्किन टॉनिक बनाने के लिए ५ गेंदे के ताजे फूलों की पत्तियों को तोड़कर एक प्याला पानी में भिगो दें। ३ घंटे बाद पत्तियों को पानी में मसलकर छान लें। इस पानी का लेप त्वचा पर करें। थोड़ी देर बाद स्नान कर लें। त्वचा का सौन्दर्य साथ आप सुगंधित हो जायेंगे।
रातरानी : इसके फूल रात में स्नान करके सारा दिन महकते रहेंगे। एक टब पानी में इसके १५-२० फूलों के गुच्छे डाल दें और टब को शयन कक्ष में रख दें।इसकी खुशबू से कमरा महकने लगेगा। सुबह रातरानी के सुगंधित जल से स्नान कर लें। दिनभर बदन में ताजगी का एहसास रहेगा व पसीने की दुर्गंध से भी छुटकारा मिलेगा।
- गुलाब -गुलाब के फूलों की पत्तियां त्वचा को पोषण देती हैं, त्वचा के रोम-रोम को सुगंधित बनाती हैं, ठंडक प्रदान करती हैं। गुलाब के २ फूलों को पीसकर, आधा प्याले कच्चे दूध में ३० मिनट तक भिगोएं, फिर इस लेप को आहिस्ता-आहिस्ता त्वचा पर मलें, सूखने पर ठंडे-ठंडे पानी से स्नान कर लें। शरीरसुगंधित हो जायगा तन की दूर्गंध जाती रहेगी
- केवड़ा : इसके इत्र की तासीर ग्रीष्म में तन को शीतलता प्रदान करती है। केवड़े के पानी से स्नान करने से शरीर की जलन व पसीने की दुर्गंध से भी छुटकारा मिलता है। गर्मियों में नित्य केवड़ायुक्त पानी से स्नान करने सेस्नान कर सकते है केवड़ा एसंस बाजार में आसानी से मिलता है।
- गेंदा : इसके पीले केसरिया फूल त्वचा को निखारने में विशेष उपयोगी है। स्किन टॉनिक बनाने के लिए ५ गेंदे के ताजे फूलों की पत्तियों को तोड़कर एक प्याला पानी में भिगो दें। ३ घंटे बाद पत्तियों को पानी में मसलकर छान लें। इस पानी का लेप त्वचा पर करें। थोड़ी देर बाद स्नान कर लें। त्वचा का सौन्दर्य साथ आप सुगंधित हो जायेंगे।
- रातरानी : इसके फूल रात में स्नान करके सारा दिन महकते रहेंगे। एक टब पानी में इसके १५-२० फूलों के गुच्छे डाल दें और टब को शयन कक्ष में रख दें।इसकी खुशबू से कमरा महकने लगेगा। सुबह रातरानी के सुगंधित जल से स्नान कर लें। दिनभर बदन में ताजगी का एहसास रहेगा व पसीने की दुर्गंगुध से भी छुटकारा मिलेगा।
यदि आप डियो इस्तेमाल करते हैं तो उसमें यूस होने वाला केमिकल आपका पसीना सूखने पर उस केमिकल को भी त्वचा एबसार्व कर लेगी और नतीजा कुछ दिनों बाद स्किन एलर्जी हो सकती है।







thanx,parimal
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