स्वादिष्ट खाना बनाने के टिप्स

Tuesday, May 18th, 2010
स्वादिष्ट खाना बनाने के टिप्स
स्वादिष्ट ग्रेवी बनाने के लिए प्याज, लहसुन, अदरक, पोस्ता और दो-चार दाने भूने हुए बादाम को पीस लें और इन सबको आंच पर भून लें।
करेले और अरवी को बनाने से पहले नमक पानी में भिगा दें। करेले की कड़वाहट और चिकनाहट निकल जायेगी।
. दूध के किसी पकवान में स्वाद के लिये नींबू या कोई खट्टा फल का रस बूंद-बूंद कर डालें।
सब्जियों को उबालते समय थोड़ा नमक डालने से रंग नहीं बदलेगा।
यदि सब्जियों का रंग पकाने के बाद भी प्राकृतिक रखना हो, तो पकाते समय थोड़ा चीनी डाल दें।
तेल या घी में कोई चीज तलने से पूर्व तेल में सिरके की कुछ बूंदें डालिये। इससे उसमें स्वाद व रंग बढ़ेगा।
चाय को सुंगधित बनाने के लिये उबलते पानी में थोड़ा संतरे का सूखा छिलका डाल दें।
आलू उबालते समय थोड़ा नमक डाल दें। आलू फटते नहीं हैं तथा आसानी से छिल जाते हैं।
यदि आप चना, मटर जैसे चीज जल्दी पकाना चाहते हैं, तो पानी में नारियल तेल या रिफाइड तेल की कुछ बूंदे डाल दें।
यदि दाल पकने के बाद गाढ़ी हो जाये, तो कच्चा पानी न डाले चावल का मांड़ डाल दें।
किसी सब्जी में खटाई डालना हो, तो जब पकने को हो जाय तब डालें वरना पहले डालेंगे तो पकने में समय ज्यादा लगेगा।
कच्चे नारियल की बर्फी बनाते समय दूध का प्रयोग न करके मिल्क पाउडर मिलायें ज्यादा स्वादिष्ट बनेगी।
यदि मट्ठी बहुत कुरकुरी बनानी हो, तो आटे में घी की जगह रिफांइड तेल गूंद दें।
यदि दूध फटने की संभावना हो, तो थोड़ा खाने का सोड़ा डालकर उबालें।
पनीर फ्राई करने के बाद गरम पानी में डालें। इससे पनीर मुलायम रहेगा।
पकौडी बनाते समय बेसन फेंटकर एक चम्मच रिफाइंड डाल दें। पकौडी कुरकुरी बनेगी।
टमाटर अधिक मुलायम हो जाए, तो बर्फ के पानी में या नमक पानी में डालकर रखें।
आलू की कचौडी बनाते समय मसाले में थोड़ा बेसन भूनकर डाल दें। इससे कचौडी ज्यादा स्वादिष्ट बनेगी।
पुराने पापड फेंके नहीं, छोटे-छोटे टुकड़े करके पानी में उबाल लें। उसे छानकर राई या जीरे का छौंक लगाकर टमाटर, दही मसाला डालकर सूखी रसेदार सब्जी बनाएं।
सेहजन (मुनगा) की जड़ का काढ़ा गरम-गरम पीने से पथरी कट जाती है।
पान में 10 दाना काली मिर्च डालकर चबाने से मोटापा कम होता है।
सुरीली आवाज के लिए काली मिर्च दस ग्राम, मुलेठी दस ग्राम, मिश्री बीस ग्राम सबको लेकर चूर्ण बना लें। प्रतिदिन सुबह-शाम इस चूर्ण की एक चुटकी शहद के साथ लें।
काली मिर्च, सोंठ, दाल चीनी, लौंग, इलाइची को चाय में डालकर पीने से उदासीनता, आलस्य व थकावट दूर होती है। इसके पीने से शरीर में नयी स्फूर्ति आती है।
स्वादिष्ट ग्रेवी बनाने के लिए प्याज, लहसुन, अदरक, पोस्ता और दो-चार दाने भूने हुए बादाम को पीस लें और इन सबको आंच पर भून लें।
करेले और अरवी को बनाने से पहले नमक पानी में भिगा दें। करेले की कड़वाहट और चिकनाहट निकल जायेगी।
. दूध के किसी पकवान में स्वाद के लिये नींबू या कोई खट्टा फल का रस बूंद-बूंद कर डालें।
सब्जियों को उबालते समय थोड़ा नमक डालने से रंग नहीं बदलेगा।
यदि सब्जियों का रंग पकाने के बाद भी प्राकृतिक रखना हो, तो पकाते समय थोड़ा चीनी डाल दें।
तेल या घी में कोई चीज तलने से पूर्व तेल में सिरके की कुछ बूंदें डालिये। इससे उसमें स्वाद व रंग बढ़ेगा।
चाय को सुंगधित बनाने के लिये उबलते पानी में थोड़ा संतरे का सूखा छिलका डाल दें।
आलू उबालते समय थोड़ा नमक डाल दें। आलू फटते नहीं हैं तथा आसानी से छिल जाते हैं।
यदि आप चना, मटर जैसे चीज जल्दी पकाना चाहते हैं, तो पानी में नारियल तेल या रिफाइड तेल की कुछ बूंदे डाल दें।
यदि दाल पकने के बाद गाढ़ी हो जाये, तो कच्चा पानी न डाले चावल का मांड़ डाल दें।
किसी सब्जी में खटाई डालना हो, तो जब पकने को हो जाय तब डालें वरना पहले डालेंगे तो पकने में समय ज्यादा लगेगा।
कच्चे नारियल की बर्फी बनाते समय दूध का प्रयोग न करके मिल्क पाउडर मिलायें ज्यादा स्वादिष्ट बनेगी।
यदि मट्ठी बहुत कुरकुरी बनानी हो, तो आटे में घी की जगह रिफांइड तेल गूंद दें।
यदि दूध फटने की संभावना हो, तो थोड़ा खाने का सोड़ा डालकर उबालें।
पनीर फ्राई करने के बाद गरम पानी में डालें। इससे पनीर मुलायम रहेगा।
पकौडी बनाते समय बेसन फेंटकर एक चम्मच रिफाइंड डाल दें। पकौडी कुरकुरी बनेगी।
टमाटर अधिक मुलायम हो जाए, तो बर्फ के पानी में या नमक पानी में डालकर रखें।
आलू की कचौडी बनाते समय मसाले में थोड़ा बेसन भूनकर डाल दें। इससे कचौडी ज्यादा स्वादिष्ट बनेगी।
पुराने पापड फेंके नहीं, छोटे-छोटे टुकड़े करके पानी में उबाल लें। उसे छानकर राई या जीरे का छौंक लगाकर टमाटर, दही मसाला डालकर सूखी रसेदार सब्जी बनाएं।
सेहजन (मुनगा) की जड़ का काढ़ा गरम-गरम पीने से पथरी कट जाती है।
पान में 10 दाना काली मिर्च डालकर चबाने से मोटापा कम होता है।
सुरीली आवाज के लिए काली मिर्च दस ग्राम, मुलेठी दस ग्राम, मिश्री बीस ग्राम सबको लेकर चूर्ण बना लें। प्रतिदिन सुबह-शाम इस चूर्ण की एक चुटकी शहद के साथ लें।
काली मिर्च, सोंठ, दाल चीनी, लौंग, इलाइची को चाय में डालकर पीने से उदासीनता, आलस्य व थकावट दूर होती है। इसके पीने से शरीर में नयी स्फूर्ति आती है।
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