गर्मियों में होने वाली एलर्जी से कैसे बचें
गरर्मियों में धूप की तपिश ,पसीना,उमस आदि से होने वाली एलर्जी काफी परेशान करती है ।डॉकक्टरों का कहना है कि यह आम बात है, इसे इतनी बडी परेशानी समझकर परेशान न हों परंतु ध्यान अवश्य रखें लापरवाही न करें साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। खास तौर पर जिन्हें बाहर धूप में अधिक समय तक काम करना पड़ता हैउन्हें कई तरह की एलर्जी का सामना करना पड़ सकता है।जैसेआंख में पानी आना,जलन मेहसूस करना ,आंख का लाल हो जाना, (कंजक्टिवाइटिस भी हो सकता है)जुकाम होना ,डायरिया होना ये भी एक आम तरह की गर्मियों में होने वाली एलर्जी है।जो बाहर खाने पीने की बदपरहेजी से तो होती ही है कभी कभी घर के खाने से भी हो सकती है अधिक गर्मी के कारण। बाहर रह कर घर की तरह साफ खाना पीना नहीं हो पाता है।गर्मियों में लोग अक्सर तरावट के लिये बाहर गन्ने का रस पीते है जो तमाम मख्कियों से घिरा होता है मगर क्या करें तरावट के लिये बाहर धूप में रहने वालों को कुछ तो चाहिये।परंतु मक्खियों की वजह से हानिकारक(इन्फेक्शन) हो जाता है जिसकी वजह से डायरिया भी हो सकता है तो विशेष तौर पर बाहर खाते- पीते समय साफ सफाई का अवश्य ध्यान रखना होगा। बाहर के खाने में घी तेल, पीने का पानी पर विशेष ध्यान देना होगा कारण थोड़ी सी बचत या लापरवाही के चक्कर में तमाम परेशानियां झेलनी पड़ सकती है।
फलों में ज्यादातर मौसमी फल ही खाने की कोशिश करें जैसे तरबूज,खरबूजा, खीरा .ककड़ी,टमाटर कारण ये सब नैचुरल वाटर(मिनिरल वाटर)से भरपूर होते हैंजिनकी आपके शरीर को बहुत जरूरत होती है कारण धूप में अधिक समय तक रहने से हमारे शरीर का अधिक तर पानी पसीना बनकर उड़ जाता है और तेज धूप से त्वचा लाल होकर खुजली,चकत्ते,दाने इत्यादि भी हो सकते है।
लू से बचने का एक तरीका घर से बाहर निकलने से पहले भी पी सकते हैं बाहर से आने के बाद भी। कच्चे आम का पन्ना (शर्बत मीठा या नमकीन)भी ले सकते हैं।
आम का पन्ना बनाने की विधि—दो लोगों के लिये
-मीडियम साइज का एक कच्चा आम पानी में आलू की तरह उबाल लें अब थोड़ी देर इसे ठंड़े पानी में डालकर रख दें।अब ठंड़ा होने पर उसे छील लें छिलका फेकें नहीं,छिले आम को एक ग्लास पानी में मसल लें अच्छी तरह।
इसे टेस्टी बनाने के लिये मसाला
काला नमक स्वादानुसार
थोड़ा सफेद नमक
भुना जीरा पावड़र आधा चम्मच
पिसा पुदीने का पेस्ट ,दस से पंद्रह पत्तियों का
एक चम्मच चीनी,
इन सब मसाले को आम के घोल में मिला दें अच्छी तरह अब इसे फ्रिज में रख दें गर्मयों में ठंडा करके पियें तो ज्यादा अच्छा लगेगा।चाहे तो इसे मीठा भी बना सकते हैं, सिर्फ चीनी घोलकर।
अब उबले आम के छिलके का प्रयोग ,इसे हाथ पैर के तलुओं पर मलें लू खींचने की क्षमता रखता है यह आम का छिलका धूप से आये हों तो फायदेमंद रहेगा।शरीर में ठंडक महसूस होगी।गर्मी की वजह से हाथ पैर की जलन को ठीक करेगा।
आंखों में होने वाली एलर्जी –धूप में अधिक समय तक रहने से आपके सर में दर्द हो सकता है इसलिये आंखों पर काला चश्मा लगाकर रखें जिससे बाहर लू चलने पर धूल मिट्टी,पसीने का सीधा असर आंखों पर न पड़े।वरना इन्हीं कारणों से आंख में एलर्जी हो सकती है।
गर्मियों में जहां तक हो सके सूती कपड़ी ही पहने वह भी हल्के रंगों के कारण हम बताते हैं।
कपड़े पहने हल्के रंग के तथा कॉटन के कारण हल्का रंग सूरज की किरणो को अपनी ओर कम से कम खींचती जिससे अधिक गर्मी नहीं लगती और कॉटन का कपड़ा पसीने को सोख लेता है। डार्क कलर का कपड़ा गर्मी तथा पसीना अधिक पैदा करता है कारण सूरज की किरणें ज्यादा से ज्यादा अपनी ओर खींचती है। तथा पसीना भी जल्दी नहीं सोखता है।पसीना वापस आपके शरीर से चिपका रहता है जो स्किन एलर्जी पैदा करता है।यह खासकर धूप में अधिक समय तक काम करने वालों के लिये अधिक जरूरी है। गर्मियों में रोज दोनों समय नहाना चाहिये इससे स्किन एलर्जी से बचे रहेंगें। नीम या डिटॉल वॉटर से नहाने की कोशिश करें।नहाने के बाद डियो जैसी कोई भी चीज इस्तेमाल न करें कारण यह पसीने के साथ शरीर के अंदर जाती हैजिससे स्किन प्रॉब्लम हो सकती है।गर्मियों में अंडरगार्मेंट्स भी कॉटन का ही पहने चाहे स्त्री हो या पुरूष। अंडरगार्मोट्स बराबर फिटिंग के ही पहने वरना ढ़ीला होने पर रगड़ रगड़कर स्किन को लाल कर देगा पसीने के साथ रगड़ी स्किन पर एलर्जी होने के अधिक चांसेस होते हैं।
घर से बाहर निकलते समय, सीधे अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचें। सर पर कैप या कोई कपड़ा अवश्य रखें सीधी धूप से आपके बाल रूखे भूरे हो सकते है। आखों पर काला चश्मा अवश्य लगायें ताकि सीधी धूप आंखों को न लगे तथा पसीना आंखों में जाने से आंखों को नुकसान पहुंचाता है।
घर से कभी खाली पेट बाहर न जायें खाली पेट लू जल्दी लगती है या बाहर का खाया पिया तो इंफेक्शन जल्दी हो सकता है।गर्मी के दिनों में ज्यादा से ज्यादा लिक्वि़ड़ पियें जैसे नींबू की मीठी ,नमकीन शिकंजी, फलों का रस या फिर अधिक पानी वाले फल जैसे खरबूजा,तरबूज,खीरा ,ककड़ी इत्यादि।तथा मौसमी फलों का सेवन करें। उपर बताई गई तमाम बातों पर ध्यान देकर हम तमाम मौसमी बिमारियों(वायरल इंन्फक्शन) से बच सकते हैं।यही हील एण्ड हेल्थ का मकसद है।आपको तमाम स्वास्थ्य संबंधि किसी भी परेशानी में पड़ने से पहले बचाने की।यानि प्रिवेंशन इस बेटर दान क्योर।







It’s spkooy how clever some ppl are. Thanks!