किडनी अलर्ट

Tuesday, August 9th, 2011
किडनी हमारे शरीर का एक अकेला ऐसा आर्गन है जिसके 80प्रतिशत खराब होने के बाद भी बीमारी का आसानी से पता लगाना मुश्किल हो जाता है,हर व्यक्ति को हर छ: माह पर L. F .T test (यानि लिवर फंशन टैस्ट)करवाना चाहिये इससे यह पता चलता है कि किडनी (गुर्दे) ठीक काम कर रहे हैं या नहीं कारण हमें स्वस्थ  रहने के लिये किडनी का स्वस्थ रहना जरूरी है।किडनी की गंभीर बीमारी होने पर भी जब तक इसका पता लगता है काफी देर हो चुकी होती हैऔर मरीज को पता भी नहीं चलता कि वह किड़नी की बीमारी से ग्रसित है इसलिये अच्छा है कि नियमित जांच करवायें।एक बार यदि किडनी किसी बींमारी से ग्रसित हो जाये तो पूरे शरीर को प्रभावित करती है कारण किडनी का प्राथमिक  काम है जहरीली चीजों को अलग करना हैजो बीमार किडनी की वजह से रूकावक आती है और प्रभावित अंगो के लक्षण सामने आते हैं जैसे भूख न लगना,उल्टी आना,शरीर में सूजन आना पेशाब ज्यादा ही आना इन सब की रोकथाम का एक  ही तरीका है किडनी की जांच करवाते रहें।
एक बार यदि मरीज रेनल फेलियर की अंतिम स्थिति में पहुंच जाये तो इसके पास मुख्य रूप से दो ही  विकल्प बचते हैं एक डायलिसिस दूसरा किडनी ट्रंसप्लांट कराना।इतनी आगे तक बढ़ने की जरूरत ही क्या है ।
किडनी का दिल से सीधा  कनेक्शन है ऐसा हार्ट केयर फांउडेशन के अध्यक्ष डॉ .के.के अग्रवाल का कहनाना है . किडनी यदि स्वस्थ है तो दिल की बीमारी से भी दूर रहेंगे.साल में कमसे कम एक या दो बार तो किडनी  टेस्ट अवश्य करायें ताकि किडनी की बीमारी का समय रहते पता चल जाये और इलाज हो जाये कारण इसकी बीमारी का जितनी जल्दी पता लग जाये इलाज उतनी ही आसान होगा.गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड टेस्ट से पता चल जाता है
गुर्दे की पथरी कैसे बनती है- (सबसे आम बीमारी किडनी की) रोजाना भोजन करते समय उनमें जो कैल्शियम फॉस्फेट आदि तत्व रह जाते हैं, पाचन क्रिया की विकृति से इन तत्वों का पाचन नहीं हो पाता है। वे गुर्दे में एकत्र होते रहते हैं। कैल्शियम, फॉस्फेट के सूक्ष्म कण तो मूत्र द्वारा निकलते रहते हैं, जो कण नहीं निकल पाते वे एक दूसरे से मिलकर पथरी का निर्माण करने लगते हैं। पथरी बड़ी होकर मूत्र नली में पहुंचकर मूत्र अवरोध करने लगती है। तब तीव्र पीड़ा होती है। रोगी तड़पने लगता है। इलाज में देर होने से मूत्र के साथ रक्त भी आने लगता है जिससे काफी पीड़ा होती है।
घरेलू उपाय
मूली के 100 ग्राम रस में मिश्री मिलाकर बासी मुंह पीने से गुर्दे का दर्द ठीक होता है व पथरी कट-कट कर निकलने लगती है।
तुलसी की पत्तियां, अजवाइन 10-10 ग्राम, 5 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर, कूट पीस प्रतिदिन प्रातः 2-2 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ लें।
15 दाने बड़ी इलायची एक चम्मच खरबूजे का बीज 2 चम्मच मिश्री, सबको पीसकर, एक कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार पिये गुर्दे की पथरी गलने लगती है।
प्रतिदिन चौलाई का साग खाने से पथरी गलकर निकलने लगती है।
करेले के 20 ग्राम रस में मधु मिलाकर प्रतिदिन पीने से पथरी नष्ट होकर मूत्र के साथ निकलने लगती है।
खीरे का रस दिन में 2-3 बार पीने से गुर्दे की पथरी नष्ट हो जाती है।
प्रतिदिन जामुन खाये गुर्दे की पथरी कट कर निकलने लगती है।
प्रतिदिन सहजन की फल्ली खायें पथरी कटकर मूत्र के साथ निकलने लगती है।
100 ग्राम नारियल पानी, 10 ग्राम पालक का रस मिलाकर पीने से दो सप्ताह में
पथरी नष्ट हो जाती है।
कच्चे पालक का रस पीने से पथरी होती ही नहीं।
जौ का पत्ती का रस पीने से पथरी निकल जाती है।पथरी के रोगियों को जौ से बनी रोटी खानी चाहिये। जौ का सत्तू खायें। इससे पथरी
पिघलने लगती है और पथरी बनती ही नहीं
सावधानियां- गुर्दे के रोगी को कुछ चीजें खाते समय सावधानी बरतनी चाहिये। जैसे दूध तथा दूध  से बनी चीजें, मख्खन, पनीर, अधिक न खायें। बीयर वाईन अधिक न लें। अचार, चटनी, अधिक न खायें। मांस, मछली, मुर्गा अधिक न खायें।
images (13)kidney किडनी हमारे शरीर का एक अकेला ऐसा आर्गन है जिसके 80प्रतिशत खराब होने के बाद भी बीमारी का आसानी से पता लगाना मुश्किल हो जाता है,हर व्यक्ति को हर छ: माह पर L. F .T test (यानि लिवर फंशन टैस्ट)करवाना चाहिये इससे यह पता चलता है कि किडनी (गुर्दे) ठीक काम कर रहे हैं या नहीं कारण हमें स्वस्थ  रहने के लिये किडनी का स्वस्थ रहना जरूरी है।किडनी की गंभीर बीमारी होने पर भी जब तक इसका पता लगता है काफी देर हो चुकी होती हैऔर मरीज को पता भी नहीं चलता कि वह किड़नी की बीमारी से ग्रसित है इसलिये अच्छा है कि नियमित जांच करवायें।एक बार यदि किडनी किसी बींमारी से ग्रसित हो जाये तो पूरे शरीर को प्रभावित करती है कारण किडनी का प्राथमिक  काम है जहरीली चीजों को अलग करना हैजो बीमार किडनी की वजह से रूकावक आती है और प्रभावित अंगो के लक्षण सामने आते हैं जैसे भूख न लगना,उल्टी आना,शरीर में सूजन आना पेशाब ज्यादा ही आना इन सब की रोकथाम का एक  ही तरीका है किडनी की जांच करवाते रहें।
एक बार यदि मरीज रेनल फेलियर की अंतिम स्थिति में पहुंच जाये तो इसके पास मुख्य रूप से दो ही  विकल्प बचते हैं एक डायलिसिस दूसरा किडनी ट्रंसप्लांट कराना।इतनी आगे तक बढ़ने की जरूरत ही क्या है ।
किडनी का दिल से सीधा  कनेक्शन है ऐसा हार्ट केयर फांउडेशन के अध्यक्ष डॉ .के.के अग्रवाल का कहनाना है . किडनी यदि स्वस्थ है तो दिल की बीमारी से भी दूर रहेंगे.साल में कमसे कम एक या दो बार तो किडनी  टेस्ट अवश्य करायें ताकि किडनी की बीमारी का समय रहते पता चल जाये और इलाज हो जाये कारण इसकी बीमारी का जितनी जल्दी पता लग जाये इलाज उतनी ही आसान होगा.गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड टेस्ट से पता चल जाता है

गुर्दे की पथरी कैसे बनती है
images (3)kidney stone
गुर्दे की पथरी कैसे बनती है- (सबसे आम बीमारी किडनी की) रोजाना भोजन करते समय उनमें जो कैल्शियम फॉस्फेट आदि तत्व रह जाते हैं, पाचन क्रिया की विकृति से इन तत्वों का पाचन नहीं हो पाता है। वे गुर्दे में एकत्र होते रहते हैं। कैल्शियम, फॉस्फेट के सूक्ष्म कण तो मूत्र द्वारा निकलते रहते हैं, जो कण नहीं निकल पाते वे एक दूसरे से मिलकर पथरी का निर्माण करने लगते हैं। पथरी बड़ी होकर मूत्र नली में पहुंचकर मूत्र अवरोध करने लगती है। तब तीव्र पीड़ा होती है। रोगी तड़पने लगता है। इलाज में देर होने से मूत्र के साथ रक्त भी आने लगता है जिससे काफी पीड़ा होती है।
घरेलू उपाय
  • मूली के 100 ग्राम रस में मिश्री मिलाकर बासी मुंह पीने से गुर्दे का दर्द ठीक होता है व पथरी कट-कट कर निकलने लगती है।
  • तुलसी की पत्तियां, अजवाइन 10-10 ग्राम, 5 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर, कूट पीस प्रतिदिन प्रातः 2-2 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ लें।
  • 15 दाने बड़ी इलायची एक चम्मच खरबूजे का बीज 2 चम्मच मिश्री, सबको पीसकर, एक कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार पिये गुर्दे की पथरी गलने लगती है।
  • प्रतिदिन चौलाई का साग खाने से पथरी गलकर निकलने लगती है।
  • करेले के 20 ग्राम रस में मधु मिलाकर प्रतिदिन पीने से पथरी नष्ट होकर मूत्र के साथ निकलने लगती है।
  • खीरे का रस दिन में 2-3 बार पीने से गुर्दे की पथरी नष्ट हो जाती है।
  • प्रतिदिन जामुन खाये गुर्दे की पथरी कट कर निकलने लगती है।
  • प्रतिदिन सहजन की फल्ली खायें पथरी कटकर मूत्र के साथ निकलने लगती है।
  • 100 ग्राम नारियल पानी, 10 ग्राम पालक का रस मिलाकर पीने से दो सप्ताह में
  • पथरी नष्ट हो जाती है।
  • कच्चे पालक का रस पीने से पथरी होती ही नहीं।
  • जौ का पत्ती का रस पीने से पथरी निकल जाती है।पथरी के रोगियों को जौ से बनी रोटी खानी चाहिये। जौ का सत्तू खायें। इससे पथरी
  • पिघलने लगती है और पथरी बनती ही नहीं
सावधानियां- गुर्दे के रोगी को कुछ चीजें खाते समय सावधानी बरतनी चाहिये। जैसे दूध तथा दूध  से बनी चीजें, मख्खन, पनीर, अधिक न खायें। बीयर वाईन अधिक न लें। अचार, चटनी, अधिक न खायें। मांस, मछली, मुर्गा अधिक न खायें।
किडनी अलर्ट4.8104

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